*निष्क्रिय संस्था की संपत्ति का भविष्य: बड़सर दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय का मामला*
हिम शिक्षा समिति द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय लंबे समय से बंद पड़ा है, और संस्था निष्क्रिय है। संस्था के सदस्य सरकारी सेवाओं में तैनात होने या रिटायर होने के बाद संस्था की बैठक कई सालों से आयोजित नहीं की गई है। करोड़ों रुपए की जमीन और लाखों रुपए खर्च कर बनाया गया भवन खंडहर बन रहा है ]।
*सोसाइटी एक्ट के अनुसार निष्क्रिय संस्था की संपत्ति का भविष्य:*
– यदि संस्था निष्क्रिय है और उसके सदस्य बैठक नहीं कर रहे हैं, तो संस्था की संपत्ति को सरकार द्वारा अधिग्रहित किया जा सकता है।
– संस्था के न्यासी या सदस्य संस्था की संपत्ति को बेचने या उपयोग करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
– संस्था की संपत्ति को संरक्षित करने के लिए सरकार द्वारा एक प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है
*दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय का मामला:*
– हिम शिक्षा समिति के सदस्यों को संस्था की संपत्ति को संरक्षित करने के लिए बैठक आयोजित करनी चाहिए।
– संस्था की संपत्ति को बेचने या उपयोग करने के लिए सरकार से अनुमति लेनी चाहिए।
– संस्था की संपत्ति को खंडहर होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए ।
*दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज का विवाद: एक खंडहर बनता भवन*
दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज का विवाद तब शुरू हुआ जब संस्था के अध्यक्ष पंडित राम रतन शर्मा अमेरिका यात्रा पर गए थे। उस दौरान संस्था में तैनात स्टाफ ने हम शिक्षा समिति का गठन कर पंडित राम रतन शर्मा को संस्था से बाहर कर दिया था। बाद में जब राम रतन शर्मा ने मामला उठाया, तो उन्हें भी हम शिक्षा समिति में शामिल किया गया ]।
*कॉलेज का इतिहास*
कॉलेज ने लंबे समय तक क्षेत्र की लड़कियों की शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद कॉलेज नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित किया गया। 2001 में न्यू दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज बनने के बाद अलग से संचालित करने से दो महाविद्यालय अस्तित्व में आए, लेकिन बाद में दोनों ही महाविद्यालय बंद हो गए ।
*वर्तमान स्थिति*
वर्तमान में दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज का भवन खंडहर बन रहा है, जबकि संस्था की आठ कनाल जमीन भी है और लाखों रुपए खर्च कर भवन बनाया गया है। हैंडपंप भी लगाया गया है, लेकिन वर्तमान में भवन खंडहर बन गया है।
इस महाविद्यालय का इतिहास रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमारधूमल, भाजपा नेता जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय नेता साहिब सिंह वर्मा सहित भाजपा के दिग्गज, चरणजीत सिंह संत बाबा भेखो बाल इस महाविद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर चुके हैं। दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर खुला यह महाविद्यालय अपने नसीब पर आंसू बह रहा है
विवाद की जड़ 
क्या आप दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज के पुनरुद्धार के बारे में जानना चाहते हैं या इसके भवन के संरक्षण के लिए कोई कदम उठाए गए हैं?
सतीश शर्मा की स्पेशल रिपोर्ट।
आपकी क्या राय है कमेंट जरुर करें
