*’एक्सक्लूसिव / संपादकीय’*
*’2027: बड़सर में सुक्खू वर्सेस भाजपा? सब्जबाग खत्म, काम शुरू’*
*’शिलान्यास की राजनीति पर विकास की चोट’*
हिमाचल की राजनीति में 2027 के चुनाव की आहट के साथ ही बड़सर सबसे हॉट सीट बन गया है। चर्चा जोरों पर है – *’क्या मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 2027 में बड़सर से चुनाव मैदान में उतरेंगे?’*
अगर हां, तो भाजपा की मुसीबत तय है। वजह साफ है – *’15 साल के सब्जबाग vs 1 साल का काम’*
*’बड़सर का हिसाब: कौन क्या करके गया?’*
*’1. मिनी सचिवालय’*
*’भाजपा’* – पूर्व CM प्रेम कुमार धूमल ने शिलान्यास किया। 15 साल बीते
*’सुक्खू सरकार’* – शिलान्यास से आगे बढ़कर उद्घाटन तक ले गये करोड़ों की लागत से प्रोजेक्ट पूरा किया उद्घाटन कर जनता को समर्पित
*’2. बस अड्डा’*
*’भाजपा’* – धूमल जी ने नींव रखी। फिर 15 साल तक एक ईंट नहीं लगी।
*’सुक्खू सरकार’* – 2 करोड़ का बजट पास। प्रोजेक्ट अब जमीन पर उतरेगा।
*’3. पेयजल योजना’*
करोड़ों की पेयजल स्कीम जो सालों से लटकी थी, उसे पूरा करवाने की दिशा में काम तेज। हर घर नल का वादा अब हकीकत बनेगा।
*’4. धार्मिक + सड़क प्रोजेक्ट’*
*’बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध’* के लिए शानदार प्रोजेक्ट और बड़सर की सड़कों को शानदार बनाने का प्रोजेक्ट भी सुक्खू सरकार की लिस्ट में।
*’5. सबसे बड़ी सौगात – 15 अगस्त राज्यस्तरीय समारोह’*
इस बार आजादी का राज्यस्तरीय जश्न बड़सर की धरती पर। इससे पूरे क्षेत्र को पहचान और विकास दोनों मिलेगा।
*’2027 का सियासी गणित’*
बड़सर में भाजपा ने 15 साल राज किया। इस दौरान शिलान्यास बहुत हुए, पर पूरे प्रोजेक्ट कम। जनता ने देख लिया।
अब *’सुक्खू फैक्टर’* आ गया है। मिनी सचिवालय, बस अड्डा, पेयजल, सड़क, दियोटसिद्ध और 15 अगस्त – एक साथ इतनी बड़ी सौगातें।
अगर मुख्यमंत्री खुद 2027 में बड़सर से उतरते हैं तो मुकाबला सीधा *’काम बनाम नाम’* का होगा। भाजपा के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाएगा कि 15 साल में क्या किया? विधायक इंद्र दत्त लखनपाल कांग्रेस छोड़ भाजपा में लेकिन जनता का सीधा सवाल कौन प्रोजेक्ट पूरा किया।
*’जनता क्या कह रही है?’*
“पहले फीता कटता था, अब उद्घाटन हो रहा है” – ये लाइन बड़सर में आम है।
*’निष्कर्ष:’*
सुक्खू सरकार ने बड़सर को वो दिया जो 15 साल में नहीं मिला। 2027 में अगर मुख्यमंत्री खुद मैदान में आए तो ये चुनाव सिर्फ बड़सर का नहीं, पूरे हिमाचल के विकास मॉडल का जनमत संग्रह बन जाएगा।
*’भाजपा के लिए बड़सर अब आसान नहीं रहने वाला।’*
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*’एक्सक्लूसिव खबर’* – सूत्रों के अनुसार 15 अगस्त राज्यस्तरीय समारोह की मेजबानी बड़सर को मिलना इसी बात का संकेत है कि सरकार बड़सर को 2027 के लिए विशेष फोकस में रख रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह खुद अथवा ऐसा प्रत्याशी जो जीत का परचम फहराए।
आप कमेंट करें मुख्यमंत्री बड़सर से चुनाव मैदान में उतरते हैं तो भाजपा की मुसीबत बढ़ेगी।
