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*बाबा बालक नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़, सुविधाओं की कमी*
कटरा की तर्ज पर बड़सर में विकसित करना होगा कैंप
बाबा बालक नाथ व माता रत्नों के मंदिर को बड़सर में किया जाए विकसित
बड़सर/ दियोटसिद्ध। शाह तलाई। टाप न्यूज टीम।
बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के कारण शाह तलाई में अव्यवस्था की स्थिति बन गई है। श्रद्धालु खड्ड में स्नान करने को मजबूर हो रहे हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। टॉप न्यूज की टीम में लगातार शाहतलाई तथा बाबा बालक नाथ परिसर का दौरा किया श्रद्धालु परेशान होते हैं खुले में सोने पर मजबूर होते हैं। शाह तलाई में तो लूट का आलम है। पंजाब से आकर 50 के करीब संस्थाएं यहां अपना योगदान दे रही है उन्होंने विभिन्न साराए बनाकर बाजार में श्रद्धालुओं को सुविधाएं तो उपलब्ध की है लेकिन उनमें मोटी कमाई एकत्रित की जा रही है। प्रशासन द्वारा कोई चेकिंग की व्यवस्था नहीं की जाती है। बिलासपुर जिला के प्रशासन ने पिछले दिनों दौरा किया तो इन संस्थाओं के मठाधीशों का योगदान भी हैरान करने वाला था। इसलिए बडसर में कैंप कटरा की तर्ज पर बनाने की जरूरत है।
*कटरा की तर्ज पर सुविधाएं देने की जरूरत*
बाबा बालक नाथ ट्रस्ट को कटरा की तर्ज पर सुविधाएं देने की जरूरत है, ताकि श्रद्धालुओं को आराम और सुविधा मिल सके। बड़सर में कैंप विकसित करने की जरूरत है, जहां श्रद्धालु ठहर सकें और भजन कर सकें।
बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़सर में कैंप विकसित करने की जरूरत
शाह तलाई में बढ़ जाती भीड़
खड्ड में स्नान करने पर मजबूर श्रलालु
बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध ट्रस्ट को योजना बनाने की जरूरत
कटरा की तर्ज पर देनी होगी सुविधाएं
बड़सर के नेता फिसड्डी
बड़सर। सतीश शर्मा विट्टू। उत्तरी भारत का प्रमुख सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ अव्यवस्था का आलम यह है कि कैप शाह तलाई में श्रद्धालु स्नान करने के लिए खड्ड में नहानेको मजबूर हो रहे हैं गंदा पानी श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है लेकिन बाबा बालक नाथ ट्रस्ट इसमें कोई रुचि नहीं ले रहा है। 1987 में बाबा बालक नाथ ट्रस्ट का गठन किया गया था 39 साल बीत जाने के बाद भी ट्रस्ट ने इस पर परियोजना बनाने की जगह ध्यान नहीं दिया लेकिन बड़सर को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद विजन के अधीन बाबा बालक नाथ का ऐतिहासिक मंदिर गऊंदा फाटक मंदिर को विकसित कर बाबा बालक नाथ तथा माता रत्नों की याद में बने इस मंदिर को विकसित कर यहां श्रद्धालुओं के लिए साराए तथा घाट विकसित करने की जरूरत है जहां पर रख कर श्रद्धालु आराम कर सकें तथा उसके बाद शाह तलाई व बाबा बालक नाथ मंदिर की पहाड़ी की नुकसान होने से बचाया जा सकता है। 60 करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट बाबा बालक नाथ की पहाड़ी पर कंक्रीट से बनाया जा रहा है मंदिर को विकसित करने की जरूरत है तथा श्रद्धालुओं की भीड़ को बड़सर में कटरा की तर्ज पर कैंप विकसित कर सुविधा देकर लंगर लगाकर श्रद्धालुओं को यहां रुकने भजन करने तथा ठहरने की व्यवस्था की जा सकती है लेकिन इसके लिए नेताओं को अपनी सोच बदलनी होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा सकते हैं। जो हमीरपुर के मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल नहीं कर पाए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह इस प्रोजेक्ट को विकसित करते हैं तो हमीरपुर के हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा तथा उनकी आय भी बढ़ेगी। बाबा बालक नाथ मंदिर में आज लुधियाना से पैदल भक्त तरसेम के बेटे संजीव कुमार 8000 से अधिक पैदल यात्रियों के जाता के साथ शाह तलाई से बाबा बालक नाथ यात्रा पर खबर लिखे जाने के समय पहुंच रहे हैं बाबा बालक नाथ कि यह यात्रा पंजाब के लुधियाना से 25 मार्च को शुरू हुई थी इस यात्रा पर श्रद्धालु करोड़ों रुपए खर्च करते हैं एक अनुमान के अनुसार डेट से 2 करोड रुपए अकेली यात्रा पर खर्च होता है। क इस प्रकार की यात्राएं विभिन्न स्थानों से पहुंचती हैं। जरूरत है मास्टर प्लान बनाकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की टॉप न्यूज जिसकी संभावनाओं पर छानबीन कर रहा है श्रद्धालुओं को जोड़कर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए टॉप न्यूज अपनी भूमिका निभा रहा है जिसके तहत बाबा बालक नाथ का गऊंदा फाटक मंदिर बड़सर को विकसित करने के लिए प्रयास किया जा रहे हैं हर दिन मंदिर में होशियारपुर से फूल मंगवा कर बाबा को अर्पित किए जाते हैं। ट्रस्ट ने भी रुचि लेकर तथा स्थानीय लोगों ने मिलकर इस मंदिर को विकसित करने में अपनी भूमिका निभाई है जिसमें थाना प्रभारी गुरशरण तथा बाजार के स्थानीय लोगों व्यापार मंडल के प्रधान राजकुमार विज, एडवोकेट सुपन होशियारपुर, टाप न्यूज चैनल मुख्य संपादक सतीश शर्मा विट्टू सहित विभिन्न लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।


